Farmer ID क्या है।
Farmer ID (फार्मर आईडी)– भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए बनाई जा रही एक 11 अंकों की डिजिटल पहचान संख्या है। यह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित डिजिटल इंडिया योजना का हिस्सा है जिससे किसानों की जमीनो को एक पोर्टल पर एकत्रित कर उन्हे सरकारी योजनाओ का लाभ आसानी से व सही व्यक्ति को प्रदान करने के लिए Farmer Registry की व्यवस्था की है।
Farmer ID का क्या उपयोग है?
फार्मर आइडी का उपयोग किसी सरकारी या प्राइवेट संस्था के लिए भूमि की जानकारी देने के लिए,पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने,उर्वरक लेने इत्यादि कार्यों मै किया जाता है ।
Farmer ID के प्रमुख लाभ ।
1. सरकारी योजनाओं में सुविधा
PM-KISAN, फसल बीमा और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं में आवेदन करने के लिए ।
2. कृषि ऋण और KCC में सुविधा
किसान की पहचान और भूमि संबंधी रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध होने से कृषि ऋण या किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी सेवाओं में दस्तावेजों के सत्यापन में सुविधा मिल सकती है।
3. सब्सिडी एवं कृषि सेवाओं में मदद
बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र तथा अन्य कृषि सेवाओं से संबंधित लाभों के लिए किसान की जानकारी का सत्यापन अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकता है।
4. भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी
Farmer Registry के माध्यम से किसान से संबंधित भूमि रिकॉर्ड, जैसे खसरा/सर्वे नंबर आदि, को किसान की डिजिटल प्रोफाइल से जोड़ा जा सकता है।
5. डिजिटल किसान प्रोफाइल
Farmer ID किसान की डिजिटल पहचान के रूप में काम करती है। Farmer Registry में उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार किसान से संबंधित भूमि, फसल तथा अन्य कृषि जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज किया जा सकता है।
6. बार-बार दस्तावेज देने की आवश्यकता कम हो सकती है
जहां डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है, वहां किसान को एक ही जानकारी बार-बार अलग-अलग स्थानों पर उपलब्ध कराने की आवश्यकता कम हो सकती है।
Farmer ID कौन बनवा सकता है?
Farmer ID की पात्रता और पंजीकरण की प्रक्रिया राज्य के नियमों एवं Farmer Registry व्यवस्था के अनुसार अलग हो सकती है लेकिन सामान्यत: जिस भी व्यक्ति के नाम जमीन है और वो भारत का निवासी आवेदन कर सकता है।
कुछ राज्यों में पात्र बटाईदार या किरायेदार किसानों के लिए भी Farmer Registry बनाने की अलग प्रक्रिया हो सकती है।
और Farmer ID से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने राज्य के आधिकारिक Farmer Registry पोर्टल या तहसीलदार से पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अवश्य ले ले।
Farmer ID बनवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?
Farmer ID पंजीकरण के दौरान सामान्य रूप से निम्न जानकारी/दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- जमीन की नकल /जमाबंदी
- फेमिली कार्ड जैसे जनाधार / राशन कार्ड
ध्यान दें: आवश्यक दस्तावेज राज्य और तहसील के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
Farmer ID कैसे बनवाएं?
Farmer ID बनाने की प्रक्रिया सामान्य रूप से निम्न प्रकार होती है:-
- राज्य के आधिकारिक Farmer Registry Portal पर जाएं।
- Farmer Registration विकल्प चुनें।
- आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से eKYC प्रक्रिया पूरी करें।
- आपकी व्यक्तिगत जानकारी आधार से औटोमेटिक शो हो जाएगी ।
- अपनी कृषि भूमि का विवरण नकल से दर्ज करके वेरफाई करें ध्यान रहे सभी खसरे को अवश्य जोड़े ।
- जनाधार / राशन कार्ड की जानकारी दर्ज करे।
- सही तरह से जच कर आवेदन को सबमिट करें।
- संबंधित विभाग द्वारा जानकारी के सत्यापन के बाद Farmer ID जनरेट की जा सकती है।
rjfr-agristack पोर्टल से किसान स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा CSC/EMITRA या राज्य सरकार द्वारा आयोजित किसान पंजीकरण कैंप मै पटवारी के माध्यम से भी Farmer ID बनवा सकते है ।
Farmer ID बनने में कितना समय लगता है?
Farmer ID बनने मै ज्यादा समय नहीं लगता Enrollment ID तुरंत generate हो जाती है लेकिन भूमि रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए तहसीलदार साहब के esign की आवश्यकता पड़ती है उसके बाद आप फार्मर आइडी प्रिन्ट(rjfr-agristack–Print) कर सकते है।
rjfr.agristack.gov.in पोर्टल पर आवेदन करने के बाद Farmer ID Status Check सुविधा से आवेदन की स्थिति देख सकते है।
Farmer ID बनाने में कितना खर्च आता है?
Farmer Registry में पंजीकरण करने के लिए CSC संचालक द्वारा 15 रुपये का शुल्क लगता है।
यदि किसान स्वयं आधिकारिक पोर्टल/पटवारी के माध्यम से पंजीकरण करता है, तो किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगता है । CSC या अन्य सेवा केंद्र पर प्रिंट अथवा सेवा शुल्क अलग से लिया जा सकता है। इसका शुल्क स्थानीय नियमों के अनुसार अलग हो सकता है।
Farmer ID और Farmer Registry में क्या अंतर है?
Farmer Registry किसानों का डिजिटल पंजीकरण करने की या Enrollment ID जनरेट करने की प्रक्रिया है।
वहीं Farmer ID उस Farmer Registry(Enrollment ID) के तहसीलदार द्वारा सत्यापन के बाद किसान को एक 11 अंकों की विशिष्ट डिजिटल आइडी के रूप में जारी की जाती है।
सरल शब्दों में:
Farmer Registry = किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड
Farmer ID = किसान की विशिष्ट डिजिटल पहचान
Farmer ID में जमीन कैसे जोड़ी जाती है?
यदि Farmer Registry में आपकी जमीन दिखाई नहीं दे रही है या कोई खसरा नंबर छूट गया है, तो राज्य के आधिकारिक Farmer Registry Portal पर उपलब्ध भूमि अपडेट विकल्प के माध्यम से जानकारी जोड़ने का प्रयास किया जा सकता है। लेकिन फिलहाल ये कार्य पटवारी के पास है ।
क्या Farmer ID जरूरी है?
हा यदि आप किसान है तो फार्मर आइडी आपके लिए जरूरी है क्योंकि आप इसके बिना राज्य व केंद्र की योजनाओ का लाभ नहीं ले सकते है।
महत्वपूर्ण: Farmer ID से संबंधित नियम, पात्रता, दस्तावेज और सेवाएं समय के साथ बदल सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने राज्य के आधिकारिक Farmer Registry पोर्टल पर नवीनतम जानकारी अवश्य जांचें।
